चीन और पाकिस्‍तान करते रहे तैयारी, भारत ने अपना जहाज भेज कर दिया जवाब

An historical win for India over China and Pakistan

Narendra Modi with Pakistan and Chinese Prime Ministers
Narendra Modi with Pakistan and Chinese Prime Ministers

चीन और पाकिस्‍तान के खिलाफ भारत को एक अहम बढ़त मिली है। भारत ने चाबहार के जरिए अफगानिस्‍तान को गेहूं की अपनी पहली शिंपमेंट भेज दी है।

वहीं ग्‍वादर पर पाकिस्‍तान और चीन अब भी तैयारियां ही कर रहे हैं। पाकिस्तान को बाईपास करते हुए चाबहार पोर्ट के जरिए शिपमेंट भेजने के भारत के कदम को ऐतिहासिक माना जा रहा है। गेहूं के शिपमेंट को गुजरात के कांडला पोर्ट से रवाना किया गया था। इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज समेत ईरान के विदेश मंत्री सल्लुद्दीन रब्बानी वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए सेरेमनी में जुड़े थे।

मई 2016 में पीएम मोदी की मौजूदगी में ट्राईलेटरल एग्रीमेंट हुअा था। इसी के तहत बने इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट एंड ट्रांजिट कॉरिडोर के जरिए पहला शिपमेंट भेजा गया। सुषमा ने बताया कि गेहूं के इस तरह के 6 और शिपमेंट कुछ महीनों के अंदर अफगानिस्तान भेजे जाएंगे। चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट पर चालू कार्य को भी जल्द खत्म करने की बात दोनों देश ने कही है ।

ग्‍वादर के जरिए चीन जाने वाला इकोनॉमिक रूट अब भी शुरू नहीं हो सका है। इसके चलते ग्‍वादर परियोजना आंशिक तौर पर शुरू है। पाकिस्‍तान सरकार की की वेबसाइट के मुताबिक, इस पूरे प्रोजेक्‍ट का कॉमर्शियल ऑपरेशन 2021 या 22 में ही शुरू हो पाएगा। ग्‍वादर परियोजना भी लेट है, लेकिन अफगानिस्‍तान तक शिपमेंट पहुंचने के बाद माना जा रहा है कि इसमें और तेजी आएगी।

चाबहार पोर्ट के लिए भारत 12.2 करोड़ डॉलर यानी 78 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगा। इसके अलावा 8.5 करोड़ डॉलर पोर्ट के उपकरण पर भी खर्च किए जाएंगे। भारत चाबहार पोर्ट के निर्माण के लिए ईरान को 15 करोड़ डॉलर का लोन भी देने वाला है । भारत 6 अरब डॉलर की राशि रिलीज भी कर चुका है.

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